मुम्बई। अपनी आगामी फिल्म "गुजारिश" में पक्षाघात से ग्रस्त व्यक्ति की भूमिका निभाने वाले अभिनेता ऋतिक रोशन का कहना है कि इस फिल्म ने उनके जीवन के प्रति नजरिए को बदल दिया है। उन्होंने इस बात से इंकार किया कि यह फिल्म इच्छा मृत्यु का समर्थन करती है। ऋतिक ने दिए साक्षात्कार में बताया, ""यह फिल्म एथन की व्यक्तिगत कहानी है, यह इच्छा मृत्यु का समर्थन नहीं करती है। फिल्म पक्षाघात से ग्रस्त एक ऎसे व्यक्ति की कहानी है जो 14 वर्ष के बाद भी निराश नहीं है। उसे किताबें लिखने पर राष्ट्रपति पदक से सम्मानित किया गया है।"" ऋतिक ने बताया कि नजरिए से जब बदलाव होने लगते हैं तो मनुष्य जीवन की छोटी चिंताओं से परेशान नहीं होता। बल्कि, वह जीवन के प्रति आभारी होता है। उन्हें फिल्म से यही सीख मिली है। ऋतिक के मुताबिक फिल्म "गुजारिश" में उन्होंने जादूगर एथन मैसकारेनहास की भूमिका निभाई है, जो एक जादूई चाल के गलत प़ड जाने से पक्षाघात का शिकार हो जाता है। इसके बाद जीवन में उसे अपने रेडियो कार्यक्रम और नर्स सोफिया (ऎश्वर्या राय) से सांत्वना मिलती है। लेकिन 14 वर्ष पक्षाघात से ग्रस्त जीवन बिताने के बाद एथन अपने जीवन को समाप्त करने के लिए न्यायालय से अनुमति चाहता है। न्यायालय की कार्यवाही के दौरान वह अपने जादूई ज्ञान को उमर सिद्दकी (आदित्य रॉय कपूर) को हस्तांतरित करना चाहता है। ऋतिक (36) ने बताया कि फिल्म में चरित्र के हिसाब से इच्छा मृत्यु की बात उठाई गई है। शारीरिक रूप से अक्षम हो जाने के बाद एथन अपने जीवन को समाप्त करना चाहता है। फिल्म "मिशन कश्मीर", "लक्ष्य", "धूम-2", "कोई मिल गया", "कृष" और "जोधा अकबर" में अलग-अलग भूमिका निभा चुके ऋतिक ने बताया कि इस फिल्म ने उनका जीवन बदल दिया है।
भारत समाचार
"गुजारिश" में काम करने से बदला ऋतिक का नजरिया





















