नई दिल्ली। एक संसदीय समिति ने सिक्का पिघलाने या उसे नष्ट करने वालों के लिए 10 साल के कारावास की सजा की अनुशंसा की है। नकली सिक्का और नकली नोट बनाने वालों के लिए भी इतनी ही सजा का प्रावधान है।
पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री, यशवंत सिन्हा की अध्यक्षता वाली समिति ने सरकार से कहा है कि वह सिक्का विधेयक-2009 में 10 साल के कारावास की सजा को शामिल किए जाने पर विचार करे। समिति ने इस विधेयक के परीक्षण का काम हाल ही पूरा किया है। वित्त मंत्रालय से संबंधित संसदीय समिति ने 31 अगस्त को संसद में पेश अपनी रिपोर्ट में कहा कि सिक्का पिघलाने या उसे नष्ट करने के लिए नए सिक्का विधेयक में 10 साल के कारावास की सजा का प्रावधान भारतीय दंड संहिता में नकली सिक्का व नकली नोट बनाने के लिए उपलब्ध सजा के प्रावधान के अनुरूप होगा। समिति ने कहा, ""सिक्का पिघलाने या उसे नष्ट करने के लिए विधेयक में प्रस्तावित अधिकतम सात वर्ष कारावास की सजा का प्रावधान भारतीय दंड संहिता (आईपीसी), 1860 के प्रासंगिक प्रावधानों के तहत अधिकतम 10 वर्ष के कारावास की सजा से कम है। अपराध की गंभीरता के मद्देनजर समिति महसूस करती है कि सिक्का पिघलाने, बनाने या उसे नष्ट करने के लिए सजा का प्रावधान बढ़ा कर 10 वर्ष कर दिया जाना चाहिए।"" वित्त मंत्रालय ने हालांकि कहा कि सिक्का पिघलाने या उसे नष्ट करने से केवल बाजार में सिक्के की कमी पैदा होने के अलावा और कोई समस्या पैदा नहीं होती है, फिर भी समिति ने इस अपराध के लिए 10 वर्ष के कारावास की अनुशंसा की है।





















