मुजफ्फरनगर। राष्ट्रमंडल खेलों में मुजफ्फरनगर के फूल अपनी महक से विदेशी खिलाडियों और मेहमानों का स्वागत करने के लिए तैयार हैं। यहां बने गुलदस्ते और रजनीगंधा, ग्लैडियोलस के फूलों की महक देशभर में मशहूर है।
दिल्ली में फूलों की मंडी में पिछले कई सालों से मुजफ्फरनगर के किसानों के उगाए फूलों का बोल-बाला है। जनपद खतौली के गंगध़ाडी व अन्य गांवों में किसान फूलों की खेती कर रहे हैं। इन ग्रामीणों को फूलों की खेती इतनी पसंद आई कि इन्होंने अपनी परम्परागत खेती को भी भुला दिया। खतौली के कई गांवों से प्रतिदिन कई ट्रकों में फूलों को लादकर दिल्ली स्थित फूलों की मंडी में उन्हें बेचने के लिए लाया जाता है। किसानों की मेहनत के कारण ही दिल्ली की फूल मंडी में मुजफ्फरनगर की महक का अपना रूतबा है। यहां से ब़डे पैमाने पर गेंदे के फूल, रजनी गंधा के फूल ग्लैडियोलस के फूलों की विभिन्न किस्मों की प्रतिदिन आपूर्ति होती है। बसे़डा क्षेत्र में भी फूलों की खेती होती है। यहां ब़डी संख्या में गुलदस्ते व रजनी गंधा, ग्लैडियोलस के फूल खेल समारोह के लिए तैयार हो चुके हैं जो मंडी के माध्यम से समारोह में जाएंगे। गंगध़ाडी गांव के किसान रामप्रसाद, करण सिंह और बसे़डा के रामकिशन का कहना है कि यह उनके लिए सौभाग्य की बात है कि देश में मेहमाननवाजी के दौरान खिलाडियों और मेहमानों के हाथों में उनके खेतों के फूल होंगे। वैसे यहां के फूल बेंगलुरू, गुजरात, मुंबई व देश से बाहर विदेशों में भी जाते हैं। मुजफ्फरनगर के फूलों की महक हर आयोजन में देखी जाती है। इस बार राष्ट्रमंडल खेलों में भी मुजफ्फरनगर के फूल अपनी सुगंध, खूबसूरती और ताजगी के से विदेशी मेहमानों और खिलाडियों का स्वागत करेंगे।
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राष्ट्रमंडल खेल : बिखरेगी मुजफ्फरनगर के फूलों की खुशबू





















