नई दिल्ली। एथलीटों और विदेशी प्रतिनिधियों के लिए अक्षरधाम मंदिर के निकट बनाए गए खेलगांव के माहौल में राष्ट्रमंडल खेलों के समापन के पहले विदाई के जज्जाब छा गए है। करीब एक पखवाडा साथ बिताने के बाद अब सात हजार एथलीटों को एक-दूसरे से अलविदा कहना है। कुछ एथलीट जहां पहले से ही अपने-अपने देश रवाना हो चुके है, वहीं अन्य खिलाडी रवानगी की तैयारी कर रहे है।
यहां खेल गांव से रवाना होने की तैयारी कर रहे अधिकतर एथलीट जब दूसरे देशों के खिलाडियों से बातचीत कर रहे थे तो उनकी आंखे भीगी हुई थी।
आइल ऑफ मैन के एथलीट जोनाथन ने कहा कि भारत सही में महान है। पहली बार मैं यहां आया और मुझे पता चला कि आप लोगों की संस्कृति और परंपरा कितनी समृद्ध है। मुझे इन चीजों की बहुत याद आएगी। बहामास से आए एथलीट कास्त्रों ने कहा कि यहां आना लंबे समय तक याद रहेगा। मैं नहीं जानता था कि मेरे यहां अच्छे मित्र बनेंगे। मेरी यहां की यात्रा शानदार रही और इतनी अच्छी जगह से विदा होते हुए मेरा दिल कुछ भारी हो रहा है। नोरफॉल्क आयरलैड से आए एक एथलीट ने कहा कि मैं आगरा और जयपुर गया था। वहां मुझे एक देश को समझने का मौका मिला। मुझे यह कहना होगा कि यह देश अद्धुत है। खाना लाजवाब है। मेरी पत्नी खाना बनाने की अपनी शैली में और सुधार लाए, इसके लिए मैं यहां से कुकरी की किताब ले जा रहा हूं।
भारत समाचार
अब के बिछडे न जाने फिर कब मिलेंगे ...





















