नई दिल्ली। सर्वोच्च न्यायालय ने सोमवार को केंद्र सरकार को निर्देश दिया कि वह सभी सम्बंधित कागजात उसके समक्ष पेश करके बताए कि उसने केंद्रीय सतर्कता आयुक्त (सीवीसी) पी.जे.थामस की नियुक्ति में सभी प्रक्रियाओं का पालन किया है। प्रधान न्यायाधीश एस.एच.कपाडिया की अध्यक्षता वाली सर्वोच्चा न्यायालय की पीठ ने केंद्र सरकार से यह भी पूछा है कि क्या थामस एक उत्कृष्ट लोक प्रशासक बनने के मानदंड पूरा करते भी हैं या नहीं, जो कि सीवीसी की नियुक्ति के लिए जरूरी होता है।
अदालत ने सरकार को जवाब सौंपने के लिए दो सप्ताह का समय दिया है। मौजूदा प्रक्रिया के तहत प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृह मंत्री और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष की सदस्यता वाली समिति सीवीसी का चयन करती है। भ्रष्टाचार निरोधक केंद्रीय निगरानी संस्था, केंद्रीय सतर्कता आयोग के प्रमुख के रूप में थामस की नियुक्ति को लेकर हालांकि काफी होहल्ला मचा था, क्योंकि नेता प्रतिपक्ष सुषमा स्वराज ने आरोप लगाया था कि पूर्व दूरसंचार सचिव थामस की सीवीसी के पद पर नियुक्ति 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले को रफादफा करने के लिए की गई है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने थामस के पदग्रहण समारोह का भी बहिष्कार किया था।





















