नई दिल्ली। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में गुरूवार हुई बैठक में इस वर्ष की हज यात्रा से जुडे विभिन्न प्रस्तावों को मंजूरी दे दी गई है। भारत से इस वर्ष करीब एक लाख 70 हजार लोग हज यात्रा पर जाएंगे। इनमें से सवा लाख हज यात्री भारतीय हज कमेटी के जरिए जाएंगे।
इससे पहले दरभंगा के लोगों को हज की इबादतों और अरबी भाषा का प्रशिक्षण डा. जाकिर हुसैन टीचर्स ट्रेनिग कालेज में दिया जायेगा। 19-20 सितंबर को होने वाले प्रशिक्षण में हज यात्रियों के लिए खाने और ठहरने की मुफ्त व्यवस्था की गई है। किसी वर्ष विशेष में हज यात्रा पर जाने वाले लोगों की संख्या सउदी अरब सरकार तय करती है। बैठक के बाद जारी किए गए सरकारी बयान में कहा गया कि हज कमेटी के जरिये जाने वाले सवा लाख लोगो की हवाई यात्रा से जुडे इंतजाम नागर विमानन मंत्रालय करेगा। हज यात्रियों को 21 जगहों से चार्टड उ़डान के जरिये यात्रा कराई जायेगी। इन जगहों में भोपाल और गोवा को इसी वर्ष शामिल किया गया है। बयान में कहा गया कि हज कमेटी के जरिये जाने वाले हर यात्री को 16 हजार रूपए और हवाई शुल्क देना होगा। हवाई शुल्क का कुछ हिस्सा सरकार भी वहन करेगी। बयान के अनुसार हज यात्रियों को सउदी अरेबियन एयर लाइंस प्राइवेट एयर सर्विसेज कंपनी लिमिटेड और अल वफीर एयर की उ़डानों से ले जाया जायेगा। इन कंपिनयों का चयन सील बंद निविदा प्रक्रिया के जरिये किया गया है।





















