देवास। मध्य प्रदेश के देवास जिले में बागदी नदी में बस गिरने से हुए हादसे में मारे गए 23 लोगों के शव बरामद कर लिए गए हैं, वहीं 40 यात्रियों को बचा लिया गया है। राहत और मदद में देरी से नाराज लोगों ने क्षेत्रीय विधायक और प्रशासन के खिलाफ हंगामा किया। पुलिस को हंगामा करने वालों पर काबू पाने के लिए हल्का बल प्रयोग करना प़डा।
मुख्यमुंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मृतकों के परिजनों को एक-एक लाख और घायलों को 10-10 हजार देने का ऎलान किया है। देवास जिले के खातेगांव थाना क्षेत्र में नेमावर से चाप़डा की ओर जा रही निजी यात्री बस बुधवार की शाम को बागदी नदी के पुल को पार करने की कोशिश में बह गई थी। इस हादसे में मारे गए लोगों में से 23 शव बरामद कर लिए गए है, वहीं कई लोग अब भी लापता है। जिनकी तलाशी का अभियान जारी है।
उज्जैन रेंज के पुलिस महानिरीक्षक पवन जैन ने गुरूवार को आईएएनएस को बताया कि 23 शव बरामद कर लिए गए हैं। इसके अलावा बचाए गए लोगों की संख्या 40 हो गई है। जैन के मुताबिक अब भी कुछ लोग लापता हो सकते हैं, जिनकी तलाश का काम जारी है। वहीं दूसरी ओर ग्रामीणों का कहना है कि बस में 80 से ज्यादा यात्री सवार थे लिहाजा लापता लोगों की संख्या 20 से ज्यादा हो सकती है। बुधवार को अमावस्या थी और ब़डी तादाद में श्रद्घालु नर्मदा नदी में स्त्रान कर लौट रहे थे। इतना ही नहीं मार्ग बंद होने के कारण बागदी नदी को पार करने वाली यह पहली बस थी। इन वजहों से लापता यात्रियों की संख्या ज्यादा हो सकती है।
पानी का बहाव तेज है, इस कारण लापता यात्रियों के नदी में कई किलोमीटर आगे तक चले जाने की आशंका भी बनी हुई है। पीç़डतों के परिजनों का आरोप है कि प्रशासन और क्षेत्रीय विधायक ने राहत के मामले में ढिलाई बरती। इससे नाराज लोगों ने विधायक बृजमोहन धूत के अलावा प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी व हंगामा किया। लोगों का आक्रोश बढ़ने पर पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर प्रदर्शनकारियों को खदे़डा।
भारत समाचार
मप्र बस हादसे में 23 शव बरामद, 40 यात्रियों को बचा लिया





















