अगरतला। सरकारी क्षेत्र की कंपनी तेल एवं प्राकृतिक गैस निगम (ओएनजीसी) के त्रिपुरा में स्थापित किए जा रहे 726 मेगावॉट क्षमता वाले विद्युत संयंत्र से 2012 तक पूर्वोत्तर में विद्युत संकट कम करने में मदद मिलेगी।
ओएनजीसी अधिकारियों ने शुक्रवार को कहा कि यह संयंत्र अगरतला से 65 किलोमीटर दूर पालाताना में लगाया जा रहा है। इस संयंत्र का काम मार्च 2012 में पूरा होगा। ओएनजीसी के अध्यक्ष एवं कार्यकारी निदेशक आर. एस. शर्मा ने कहा, ""पूर्वोत्तर में प्रस्तावित परियोजनाओं में यह परियोजना करीब 9,000 करो़ड रूपये के निवेश वाली सबसे ब़डी परियोजना है।"" उन्होंने कहा, ""पूर्वोत्तर के सात राज्यों की विद्युत आवश्यकता को पूरा करने के लिए यह संयंत्र मार्च 2012 में तैयार हो जाएगा।"" शर्मा ने कहा कि बांग्लादेश सरकार ने इस संयंत्र के लिए निर्माण सामग्री ले जाने के लिए अपने जलमार्गो के इस्तेमाल की मंजूरी दे दी है। वर्ष 2005 में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने इस संयंत्र की नीव रखी थी।
ओएनजीसी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ""ओएनजीसी इस संयंत्र के लिए विद्युत उपकरणों को पश्चिम बंगाल के हल्दिया बंदरगाह से बांग्लादेश के जरिए त्रिपुरा पहुंचाएगी।"" शर्मा ने कहा, ""अमेरिकी कंपनी जनरल इलेक्ट्रिक और भारतीय कंपनी भारत हेवी इलेक्ट्रीकल्स लिमिटेड को इस संयंत्र के उपकरण तैयार करने का ऑर्डर दिया गया है।"" इस संयंत्र के पहले चरण 363 मेगावॉट विद्युत उत्पादन अगले साल दिसंबर से शुरू होने की उम्मीद है।
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ओएनजीसी के संयंत्र से पूर्वोत्तर में बिजली संकट कम होगा





















