नई दिल्ली। सानिया मिर्जा के स्वर्ण न जीत पाने की कसक भारतीय प्रशंसकों के मन में बनी हुई है। लेकिन सानिया कहती है कि हमने जो जीता है उसका जश्न मनाया जाना चाहिए न कि जो खो दिया है उसका मातम। सो मैं रजत पदक का जश्न मना रही हूं और सोना खोने का मुझे गम नहीं। सानिया ने कहा कि मैं दिल्ली में बहुत सालों से खेलती आ रही हूं पर जिमने मच्छर और कीट पतंगे मैंने इस टूर्नामेंट में देखे है उतनी अपनी जिदंगी में कभी नहीं देखे। इतने आकार और प्रकार के कीट पतंगे थे जो खेल में काफी बाधा डाल रहे थे। सानिया ने बताया कि नई उभरती खिलाडियों में इस समय तो पूजाश्री वेंटकटेश ही भविष्य की आशा जगती है। यों तो बहुत से लडकियों देश में टेनिस में प्रयास कर रही है पर मुझ से पहले निरूपमा वैद्यनाथन प्रभावित कर रही थी।
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इतनी तरह के कीट पतंगे नहीं देखे : सानिया मिर्जा





















