नई दिल्ली। गर्भवती महिलाओं, माताओं और शिशुओं के स्वास्थ्य और पोषण स्तर में सुधार के लिए कें द्र सरकार द्वारा 1,000 करोड रूपए की योजना को मंजूरी दे दी गई है।
आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) ने बुधवार को इंदिरा गांधी मातृत्व सहयोग योजना (आईजीएमसवाई) के क्रियान्वयन को मंजूरी दी है। इस योजना से लगभग 13.8 लाख महिलाओं को लाभ होगा। इस योजना का लाभ उन्ही महिलाओं को मिलेगा जो गर्भवती महिला 19 वर्ष या उससे अधिक उम्र की हो साथ ही यह लाभ पहले दो बच्चे को जन्म तक सीमित रहेगा।
केंद्रीय महिला एंव बाल विकास मंत्रालय ने अपने एक बयान में कहा कि इस योजना के अंतर्गत गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं और बच्चों को पोषण जरूरतें पूरी करने के लिए नकद सहायता दी जाएगी। इन योजना के अन्तर्गत लक्षित जिलों में सभी गर्भवती और स्तनपान कराने वाली माताओं को गर्भधारण की दूसरी तिमाही से बच्चों की छह माह की उम्र तक तीन किश्तों में कुल 4,000 रूपए की राशि दी जाएगी। और राज्य सरकारों के सभी कर्मचारियों को इस योजना से अलग रखा गया है क्योंकि उन्हें इसके लिए भुगतान सहित मातृत्व अवकाश मिलता है।
इस योजना को आंगनवाडी केंद्रों के द्वारा लागू किया जाएग। केंद्र की यह योजना 11वीं पंचवर्षीय योजना की शेष अवधि के दौरान चुए गए 52 जिलों मे प्रायोगिक तौर पर शुरू की जाएगी।
भारत समाचार
सरकार देगी गर्भवती महिलाओं को चार हजार रूपए





















