नई दिल्ली। सर्वोच्चा न्यायालय ने गुरूवार को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) और ललित मोदी को छह दिन का समय देते हुए कहा कि वे इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के पूर्व कमिश्नर द्वारा कथित तौर पर की गई वित्तीय अनियमितताओं की जांच के लिए अनुशासन समिति के स्वरूप के बारे में फैसला करें।
बीसीसीआई और मोदी को बुधवार को न्यायालय को यह सूचित करना होगा कि उनमें इस बारे में कोई समझौता हो सका या नहीं। उनमें सहमति नहीं बनने पर न्यायालय इस मामले की सुनवाई शुरू करेगा। बीसीसीआई ने बुधवार को सर्वोच्चा न्यायालय से कहा था कि इस समिति का पुनर्गठन संभव नहीं है।
बीसीसीआई ने यह बात मोदी की याचिका पर सुनवाई कर रही सर्वोच्चा न्यायालय की न्यायमूर्ति जे.एम.पांचाल और न्यायमूर्ति ज्ञान सुधा मिश्रा की पीठ द्वारा पूछे गए प्रश्A के जवाब में कही। बीसीसीआई ने कहा कि वह अनुशासन समिति का पुनर्गठन नहीं सकता। इसमें बहुत देर हो चुकी है।
न्यायालय ने बीसीसीआई अध्यक्ष शशांक मनोहर के अनुशासन समिति से हटने की ओर इंगित करते हुए इस बात पर हैरत जताई कि एक अन्य सदस्य बदलते हुए समिति का पुनर्गठन भला क्यों नहीं किया जा सकता।
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समझौते की कोशिश करें मोदी और बीसीसीआई : न्यायालय





















