मुंबई। दूरसंचार कंपनी रिलायंस कम्युनिकेशंस (आरकाम) ने कहा कि आगामी महीनों में मोबाइल टेलीफोनी क्षेत्र में प्राइस वार के और जोर पकडने की संभावना है। आपरेटरों पर शुल्क दर घटाने का दबाव कुद और तिमाहियों तक बना रहेगा। आरकाम ने घरेलू बाजार में पैठ बढाने के लिए आरक्षण का विकल्प खुला रखा है। आरकाम के अध्यक्ष महेश प्रसाद ने कहा, बाजार में दो-तीन नए आपरेटरों के मुंबई सर्किल में उतरने की संभावना है जिससे प्राइस वार और जबरदस्त होने की संभावना है जिससे प्राइस वार और जबरदस्त होने की संभावना है। हम सभी मोर्चे पर प्रतिस्पर्धी रहे है और आगे भी बने रहेंगे। उन्होंने कहा कि भारत में कॉल दरें विश्व में सबसे सस्ती हैं। नई कंपनियों के बाजार में आने से इनमें और कमी आएगी। इस समय देश में 15 दूरसंचार आपरेटर कार्यरत हैं जिसमें प्रत्येक सर्किल में कम से कम 10 आपरेटर है। प्रसाद ने कहा कि प्राइस वॉर का दौर तीन से चार तिमाहियों तक जारी रहेगा हालांकि उन्होंने स्वीकार किया कि इससे कंपनियों के इनकम मार्जिन पर दबाव बढेगा।