नई दिल्ली। सरकार देश के 22 दूरसंचार सर्किलों को एक सेवा क्षेत्र या चार अलग-अलग क्षेत्रों के रूप में मिलाने पर विचार कर रही है। यदि इस योजना को अमलीजामा पहनाया जाता है& तो मोबइाल ग्राहक रोमिंग शुल्क लगने की चिंता से बेफिक्र हो देशभर में भ्रमण कर सकेंगे। दूरसंचार मंत्रालय की एक टीम की सिफारिश के अनुसार, या तो सिर्फ एक सेवा क्षेत्र होना चाहिए, जिसके दायरे में पूरा देश आए या फिर देशभर में चार क्षेत्र ही होने चाहिए। इस दल का गठन दूरसंचार विभाग (डॉट) ने लाइसेंसिंग संबंधी रणनीतिक मसलों पर सुझाव देने के लिए किया था। अपनी रिपोर्ट के मसौदे में दल ने कहा है कि कुछ सेवा क्षेत्रों के विलय का विकल्प होना चाहिए। रोमिंग सेवाओं के तहत ग्राहक अपने घरेलू नेटवर्क से बाहर जाने पर भी कॉल कर सकते या रिसीव कर सकते है। पर इसके लिए उन्हें भारी रोमिंग शुल्क चुकाना पडता है। रोमिंग शुल्क की दरों में भी काफी अंतर होता है।
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रोमिंग चार्ज से मिल सकती है मुक्ति!





















