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भारत समाचार

दक्षिण एशियाई फिल्म महोत्सव का समापन

पणजी। दक्षिण एशियाई फिल्म महोत्सव (एसएएफएफ) का सोमवार को समापन हो गया। इस बार हालांकि यह महोत्सव संगठनात्मक मुद्दों की भेंट चढ़ गया और दर्शकों की सीटें खाली ही रहीं। इस चार दिवसीय महोत्सव में भारत सहित अफगानिस्तान, बांग्लादेश, भूटान, मालदीव, नेपाल, पाकिस्तान और श्रीलंका की 50 फिल्में प्रदर्शित हुई।
निर्देशक मोर्शिदुल इस्लाम के निर्देशन में बनी बांग्ला फिल्म "प्रियोटूमेशू" के प्रदर्शन के साथ ही महोत्सव का समापन हो गया। "एंटरटेनमेंट सोसायटी ऑफ गोवा" (ईएसजी) और भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (आईसीसीआर) ने संयुक्त रूप से इस महोत्सव को प्रायोजित किया था। महोत्सव में दर्शकों की कमी तो रही ही बाकी की कसर मेजबानों के बीच हुए संगठनात्मक विवाद ने निकाल दी।
लोगों की कम मौजूदगी को जायज ठहराते हुए महोत्सव के महासचिव राहुल बरूआ कहते हैं, ""दक्षिण एशिया के लगभग सभी घरों में भारतीय सिनेमा देखा जाता है लेकिन हम उनकी फिल्में अपने थियेटरों में नहीं दिखाते हैं। इस तरह के महोत्सव सिनेमा को एक मंच उपलब्ध कराने में मदद करते हैं।"" भूटान से आए एक प्रतिनिधिमंडल ने महोत्सव में दर्शकों की कम उपस्थिति के प्रति असंतुष्टि जाहिर की।
भूटानी निर्देशक ग्याल्टसेन का कहना है, ""मैं लोगों की प्रतिक्रिया के प्रति थो़डा नाखुश हूं। बिना किसी शुल्क के फिल्में दिखाई जा रही थीं लेकिन इसके बाद भी सभागार खाली प़डे थे।"" महोत्सव में इस बार अफगानिस्तान की पांच फिल्में प्रदर्शित हुईं।  

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