वाशिंटन। नासा की चंद्रा एक्स-रे वेधशाला के वैज्ञानिकों ने बीपी-पीसियम नाम के एक दैत्य तारे की खोज है। दैत्य तारों की खोज में लगे चंद्रा वेधशाला के वैज्ञानिक जोएल कास्टनर के अनुसार तारौं का संसार आदमखोरों की तरह लगता है। ये एक दूसरे तारों या अन्य ग्रहों को निगल सकते हैं। कास्टनर के साथ इस खोज में लगे एक अन्य वैज्ञानिक के अनुसार एक दिन सूर्य भी पृथ्वी को निगल लेगा। वैज्ञानिकों के अनुसार दैत्य तारा बीपी-पीसियम अपने साथी तारों को निगलकर ऊर्जावान हो गया है।
वैज्ञानिको के अनुसार जब सूर्य जैसे तारों की परमाणु ऊर्जा खत्म होने लगती है तो इनमें फैलाव होने लगता है। वैज्ञानिक मानते हैं कि एक दिन सूर्य की भी ऊर्जा खम्त्म हो जाएगी और यह इतना बडा हो जाएगा कि पृथ्वी को भी निगल लेगा। दैत्य तारों के अध्ययन से पता चलता है कि सूर्य जैसे तारे अरबो वर्षो तक शांत पडे रह सकते हैं लेकिन जब वे हरकत में आएंगे तो विशानकारी हो जाएंगे। ऎसे तारे फिर तभी शांत होते है जब वह अपने साथी तारो या अन्य ग्रहों को निगल लेते हैं।
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सूर्य निगल सकता है पृथ्वी को





















