पटना। बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण के तहत 21 अक्टूबर को होने वाले मतदान के लिए मंगलवार शाम चुनाव प्रचार थम जाएगा। पहले चरण में राज्य के आठ जिलों की 47 सीटों पर चुनाव होने हैं।
राज्य की 243 विधानसभा सीटों के लिए छह चरणों में होने वाले चुनाव के पहले चरण में 47 सीटों के लिए 636 प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं। इनमें सतारूढ़ जनता दल (युनाइटेड) के 26 तथा उसकी सहयोगी पार्टी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के 21, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के 31, राजद की सहयोगी लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) 16, माक्र्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के सात, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के 33 प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं। कांग्रेस और बहुजन समाज पार्टी राज्य के सभी विधानसभा सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारे हैं। प्रथम चरण के तहत मधुबनी, अररिया, सुपौल, किशनगंज, पूर्णिया, कटिहार, सहरसा और मधेपुरा जिले की 47 सीटों पर चुनाव होगा। सभी राजनीतिक दलों ने पहले चरण में होने वाले चुनाव के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। कांग्रेस ने जहां अध्यक्ष सोनिया गांधी, प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, राष्ट्रीय महासचिव राहुल गांधी समेत कई फिल्मी अभिनेताओं को चुनावी प्रचार में उतारा वहीं भाजपा की तरफ से अध्यक्ष नीतीन गडकरी, उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, रविशंकर प्रसाद, अरूण जेटली, स्मृति ईरानी, नवजीत सिंह सिद्धू ने चुनाव चुनाव प्रचार किया। इसके अलावा जद (यु) के लिए अध्यक्ष शरद यादव और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने वोट मांगे तो बसपा ने मायावती और राकांपा ने संजय निरूपम को चुनावी प्रचार में लगाया। प्रथम चरण के चुनाव में जिन दिग्गजों के भाग्य का फैसला होने वाला है उसमें जद (यु) के मंत्री नरेन्द्र प्रसाद यादव, रेणु कुमारी जेल में बंद पूर्व सांसद पप्पु यादव की पत्नी एवं कांग्रेस प्रत्याशी रंजीता रंजन, कांग्रेस के बिहार इकाई के अध्यक्ष महबूब अली कैसर, जेल में बंद पूर्व सांसद आनंद मोहन की पत्नी एवं कांग्रेस प्रत्याशी लवली आनंद, माकपा से चुनाव ल़ड रहे पूर्व विधायक अजीत सरकार के पुत्र अमित सरकार प्रमुख हैं। परिसीमन के बाद पहली बार होने वाले इस चुनाव में सुरक्षा के भी पुख्ता प्रबंध किए गए हैं। सुरक्षा को लेकर चुनाव आयोग ने कई तरह के एहतियाति कदम उठाए हैं। राज्य के अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कुमार अंशुमाली ने मंगलवार को बताया कि प्राय: सभी मतदान केन्द्रों पर अर्धसैनिक बलों की तैनाती की योजना है। उन्होंने बताया कि जिन मतदान केन्द्रों पद केन्द्रीय अर्धसैनिक बलों की तैनाती नहीं होगी वहां अन्य आम्र्ड फोर्स तैनात की जाएगी। बूथों पर निगरानी के लिए माइक्रो आब्जर्वर लगे होंगे। इसके अलावा 20 प्रतिशत मतदान केन्द्रों पर लाइव वेब कॉस्टिंग की व्यवस्था होगी। इसके जरिए मतदान केन्द्रों की प्रत्येक गतिविधियों पर चुनाव आयोग, निर्वाचन विभाग और संबंधित जिला निर्वाचन पदाधिकारी नजर रखेंगे।
भारत समाचार
बिहार में मंगलवार शाम थम जाएगा प्रथम चरण का प्रचार





















