भारत समाचार
मैं मूल प्रारूप को बरकरार रखने का समर्थक हुं : कपिल

उन्होंने कहा यह उनका सोचना है और किसी को दूसरे के विचारों का सम्मान करना चाहिए। लेकिन हमे मिलकर विचार करना होगा कि ऎसा क्या किया जाए जो क्रिकेट के हित में हो। मुझे नहीं लगता है कि बहुत प्रयोग कि जा सकते है।




















