नई दिल्ली। देश में चावल की एक नई किस्म विकसित की गई है जिसे बनाने के लिए आग की कोई जरूरत नहीं है बल्कि इसे सिर्फ भिगोकर खाने लायक बनाया जाता है। अन्नाद्रमुक के डा. के मलयसामी द्वारा पूछे गए प्रश्Aों के लिखित उत्तर में कृषि राज्यमंत्री के वी थामस ने आज राज्यसभा को बताया कि अधोनीबो़डा नामक चावल को बिना उबाले या बगैर भाप में रखे लगभग 40 मिनट तक सामान्य पानी में भिगोकर खाने के लिए उपयुक्त पाया गया है। थामस ने बताया कि भारतीय कृषि अनुसंधान स्टेशन टीटाबोर असम ने सेला चावल से एक नई किस्म पैदा की है जिसका नाम अधोनीबो़डा है। थामस ने बताया कि चूंकि किसानों द्वारा चावल की इस किस्म की केवल थो़डी मात्रा में पैदावार होती है अत: सार्वजनिक वितरण प्रणाली के जरिए वितरण के लिए इसकी खरीद नहीं की जा सकती है।