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भारत समाचार

संगीतमय होगा राष्ट्रमंडल खेलों का समापन समारोह

नई दिल्ली। भारत का सबसे लोकप्रिय खेलगीत "चक दे", सूफ और शास्त्रीय धुनों के साथ स्काटलैड पर पारंपरिक बैगपाइपर संगीत कल जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम पर राष्ट्रमंडल खेलों के समापन समारोह का खास आकर्षण होगा। 50 मिनट के कार्यक्रम में 2010 स्कूली बच्चे वंदेमातरम पर प्रस्तुति भी देंगे।

तीन अक्टूबर को उद्घाटन समरोह की जान भारत की 5000 साल पुरानी संस्कृति, पारंपरिक नृत्य संगीत और वाद्य थे जबकि समापन समरोह में सुखविंदर का बेहद लोकप्रिय गीत "चक दे इंडिया", कैलाश खेर का "अल्लाह के बंदे" और शुभा मुद्रल का "अब के सावन" सुनाई देगा। इंडियन आइडल विजेता श्रीराम भी दर्शकों को अपनी आवाज से मंत्रमुग्ध करेंगे। इसके अलावा स्काटलैड के 400 कलाकार पारंपरिक बैगपाइपर संगीत पर प्रस्तुति देंगे 2014 के खेलों का मेजबान ग्लासगो इस मौके पर सभी को भारत आने का न्यौता देगा। कार्यक्रम के सूजनात्मक प्रमुख भरत बाला ने कहा कि स्काटिश टीम का प्रदर्शन दस मिनट का होगा जिसमें उनके पारंपरिक गीत संगीत की बानगी पेश की जाएगी। कार्यक्रम की शुरूआत केरल, पंजाब, मणिपुर, महाराष्ट्र, गुजरात और तमिलनाडु के 800 कलाकारों के मार्शल आर्ट के प्रदर्शन से होगी। आयोजकों के अनुसार समापन समारोह एकदम अलग होगा। इसमें सुनिधि चौहान और शंकर महादेवन जैसे कलाकार भी भाग लेंगे। राष्टमंडल खेलों का थीमगीत तैयार करने वाले ए आर रहमान हालांकि इसमें मौजूद नहीं रहेंगे।

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