श्रीनगर। कश्मीर घाटी में गुरूवार को भी कफ्र्यू जारी रहा। इस बीच कहीं भी हिंसा की कोई ब़डी वारदात नहीं हुई है। पुलिस के अनुसार श्रीनगर, ब़डगाम, गांदेरबल, तंगमार्ग, सोपोर, कुपाव़ाडा और बांदीपोरा सहित पूरी घाटी में कफ्र्यू है। बुधवार को कफ्र्यू में ढील के समय कोई हिंसा नहीं हुई थी।घाटी में स्कूल-कॉलेज, दुकानें और अन्य कारोबारी प्रतिष्ठान बंद हैं।
कुछ स्थानीय लोगों का कहना है कि वे प्रशासन और अलगाववादियों के बीच फंसकर रह गए हैं। दूसरी ओर अधिकारियों का कहना है कि कफ्र्यू और सुरक्षा संबंधी उपाय जरूरी हैं ताकि जानमाल की हिफाजत की जा सके। एक समाचार चैनल के पत्रकार नसीर अहमद का कहना है, ""अब घाटी में प्रशासन और अलगाववादियों के बीच सह और मात का खेल चल रहा है।"" अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी ने बुधवार को कहा था कि गुरूवार और शुक्रवार को प्रदर्शन या ह़डताल नहीं होगा हालांकि शनिवार और रविवार को बंद आयोजित किया जाएगा।
अहमद कहते हैं, ""स्थिति को देखकर लगता है कि प्रशासन ने प्रतिक्रियात्मक रणनीति अपनाया है। अलगाववादियों की ओर से बंद और ह़डताल के आ±वान न होने के बावजूद कफ्र्यू लगाया गया है।"" एक अधिकारी ने कहा, ""यह सच है कि ज्यादा दिनों तक कफ्र्यू और सुरक्षा संबंधी उपायों को जारी नहीं रखा जा सकता लेकिन जमीनी हकीकत का अंदाजा लगाकर ही यह कदम उठाया गया है। हम अलगाववादियों के साथ कोई खेल नहीं खेल रहे।"" गौरतलब है कि बीते 11 जून से घाटी में जारी हिंसा में 100 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं।
भारत समाचार
कश्मीर की स्थिति में सुधार पर कफ्र्यू जारी





















