नई दिल्ली। वैश्विक परामर्श संस्था केपीएमजी का कहना है कि आने वाले महीनों में खाद्य, पेय और उपभोक्ता सामानों के उद्योगों में स्थिरता रह सकती है लेकिन ब़डी कंपनियां मुनाफा बढ़ाने के लिए छोटी कंपनियों का अधिग्रहण कर सकती हैं।
विलय एवं अधिग्रहण पर केपीएमजी की ताजा रिपोर्ट में कहा गया, ""भारतीय घरेलू सामानों और पर्सनल केयर बाजार में कंपनियां रणनीतिक सहयोगियों से समझौते जारी रख सकती हैं। इन कंपनियों को विपणन और विज्ञापन खर्च जारी रखने के लिए इसकी जरूरत प़डेगी।"" इस क्षेत्र में स्थिरता का एक कारण फ्यूचर ग्रुप, शॉपर्स स्टॉप, रिलायंस रिटेल और आदित्य बिरला रिटेल जैसे ब़डे संगठित रिटेलरों का विस्तारवादी नजरिया भी है।
खुदरा कारोबार में खाद्य, पेय और उपभोक्ता सामानों के क्षेत्र में मुनाफा कम हो रहा है। विदेशी कंपनियों को हालांकि भारत में मल्टी ब्रांड रिटेल की अनुमति नहीं मिली है लेकिन वॉलमार्ट, मेट्रो और टेस्को जैसी ब़डी कंपनियां विभिन्न फ्रैंचाइजियों के जरिए कैश एण्ड कैरी सेगमेंट में थोक व्यापार कर रही हैं। केपीएमजी की कंज्यूमर एवं रिटेल कार्पोरेट फाइनेंस प्रमुख नंदिनी चोप़डा ने कहा कि इस क्षेत्र पर दबाव पूरे साल बना रहेगा। ब़डे अधिग्रहणों की संख्या हालांकि कम रहेगी लेकिन मूल्यांकन के आधार पर छोटे-छोटे अधिग्रहण ज्यादा हो सकते हैं।
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एफएमसीजी क्षेत्र में अधिग्रहण और विलय बढ़ सकते हैं





















