नई दिल्ली। भारत की नंबर एक महिला तैराक रिचा मिश्रा ने सोचा भी न था कि राष्ट्रमंडल खेलों में भाग लेने का उनका सपना इस तरह चूर-चूर हो जाएगा। खेलों से ठीक एक महिना पहले डोप टेस्ट में पकडे जाने की खबर उनके लिए किसी सदमें से कम नहीं है। लेकिन पिछले माह राष्ट्रीय तैराकी चैपियनशिप में सर्वश्रेष्ठ महिला तैराक के खिताब से नवाजी गई रिचा का हौसला टूटा नहीं है।
वह कहती है कि मैं दो दशक से तैराकी कर रही हूं। मैंने कभी किसी प्रतिबंधित दवा का सेविन नहीं किया। मैं पूरी तरह पाक-साफ हूं। अब मैं राष्ट्रमंडल खेलों का हिस्सा नहीं बना पाऊंगी जिसका मुझे अफसोस है, लेकिन इससे मरी तैराकी रूकने वाली नहीं है। मैं कल भी प्रैक्टिस करूंगी और वापसी करूगी। 27 वर्षीय रिचा का गत 24 से 28 अगस्त तक जयपुर में हुए सीनियर राष्ट्रीय तैराकी प्रतियोतिया में डोप टेस्ट किया गया था और उन्हें मिथाइल हैक्सानीमाइन के सेवन का दोषी पाया गया है। जिसकी वजह से राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेसी (नाडा) ने उन्हें अस्थाई तौर पर निलंबित कर दिया गया है।
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मैं रूकने वाली नहीं, प्रैक्टिस जारी रखूंगी





















