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भारत समाचार

अब कर्ज लेना और महंगा

मुंबई। भारतीय रिजर्व बैंक ने शुक्रवार को प्रमुख ब्याज दरों में 25 आधार अंकों की बढ़ोतरी की है।
महंगाई पर नियंत्रण के लिए यह बढ़ोतरी तत्काल प्रभाव से लागू की गई है। आरबीआई ने रेपो रेट 25 आधार अंक बढ़ाकर 5.5 प्रतिशत और रिवर्स रेपो दर में भी इतनी ही बढ़ोतरी करके 4 प्रतिशत कर दी है। शुक्रवार को हुई इस बढ़ोतरी से पहले रेपो रेट 5.25 प्रतिशत थी। इस ब्याज दर पर केंद्रीय बैंक अन्य को उधार देता है।
इस ब्याज दर में बढ़ोतरी के कारण वाणिज्यिक बैंकों की उधार लेने की क्षमता प्रभावित होती है। वहीं इस बढ़ोतरी के बाद चार प्रतिशत हो गई रिवर्स रेपो दर वह दर है जिस पर रिजर्व बैंक व्यापारिक बैंकों से कर्ज लेता है। इस दर में बढ़ोतरी से बैंकों को आरबीआई को कर्ज देना आकर्षक हो जाता है, जिससे बैंकों के पास बाजार में ऋण देने के लिए नकदी में कमी आती है। आरबीआई ने अपने बयान मे कहा, ""इन मौद्रिक उपयों से महंगाई दर में कमी आएगी लेकिन फिलहाल विकास दर पर इसका कोई असर नहीं प़डेगा।"" केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने शुक्रवार को भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के प्रमुख दरों को बढ़ाने के निर्णय को वांछित बताया। जबकि एक प्रमुख औद्योगिक संस्था ने कॉरपोरेट क्षेत्र के लिए उधारी लेने की लागत में बढ़ोतरी पर चिंता जताई है। शुक्रवार को हुई इस बढ़ोतरी से पहले रेपो रेट 5.25 प्रतिशत थी। इस ब्याज दर पर केंद्रीय बैंक अन्य को उधार देता है। इस ब्याज दर में बढ़ोतरी के कारण वाणिज्यिक बैंकों की उधार लेने की क्षमता प्रभावित होती है। मुखर्जी ने एक बयान में कहा, ""ऎसे में जब मुख्य मुद्रास्फीति बढ़ गई है और ऋण की स्थित बहुत तंग है, तो ये कदम वांछित हैं।"" मुखर्जी ने कहा कि यह अच्छी बात है कि आरबीआई ने कैश रिजर्व रेशियो (सीआरआर) नहीं बढ़ाया है।  

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