नई दिल्ली। भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) ने देश में निर्माण क्षेत्र के ज्यादातर उद्योगों की विकास दर इस वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही में दोहरे अंकों में रहने का अनुमान लगाया है। सीआईआई और एस्कॉन संगठन द्वारा किए गए एक सर्वे की रिपोर्ट के मुताबिक निर्माण क्षेत्र के 110 उद्योगों में से 30 क्षेत्रों की विकास दर पहली तिमाही में 27.3 प्रतिशत रही है वहीं 10 अन्य क्षेत्रों में विकास की दर इस दौरान 9 प्रतिशत रही है।
ऊंची विकास दर प्राप्त करने वाले उद्योगों का प्रतिशत इस दौरान 28.2 प्रतिशत रहा है। जबकि अप्रैल-जून 2009 में इनकी संख्या 16.4 प्रतिशत थी। नकारात्मक और औसत विकास दर्ज करने वाली कंपनियों की संख्या इस तिमाही में पिछले साल की तुलना में घटकर क्रमश: 15.5 प्रतिशत और 29 प्रतिशत हो गई है। पिछले साल ऎसे उद्योगों की संख्या क्रमश: 41 प्रतिशत और 33.6 प्रतिशत थी। टाटा स्टील के उपाध्यक्ष बी. मुथुरमन ने कहा, ""यदि उद्योगों को और बेहतर माहौल उपलब्ध कराया जाए तो वह इससे भी बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं।"" एयर कंडीशनर (50 प्रतिशत), वाहन उद्योग (33.2 प्रतिशत) और रेफ्रीजरेटर (32 प्रतिशत) सबसे ज्यादा विकास दर हासिल करने वाले उद्योग रहे। फाइबर (-0.65 प्रतिशत), चाय (-4.5 प्रतिशत), मूंगफली तेल (-28.4 प्रतिशत) और सिगरेट और तंबाकू उद्योग (-2.0 प्रतिशत) नकारात्मक विकास दर वाले उद्योग रहे।





















