नई दिल्ली। आरआईएल के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक मुकेश अंबानी ने शुक्रवार को कंपनी के शेयर धारकों की सालाना बैठक में कहा कि कंपनी वित्तीय वष्ü 2009-10 के लिए 70 प्रतिशत या 7 रूपए प्रति शेयर का लाभांश देगी। मुकेश अपनी पत्नी नीता और मां कोकिलाबेन के साथ बैठक में शामिल होने के लिए पहुंचे, हालांकि उनके भाई व एडीएजी समूह के प्रमुख अनिल अंबानी वहां नहीं आए। उन्होंने कहा, अनिल धीरू भाई अंबानी गु्रप (एडीएजी) से अच्छे रिश्तों की उम्मीद है और हमारी कंपनी उन्हें गैस देने के लिए तैयार है और पावर प्लांट तैयार होने के बाद गैस की सप्लाई की जाएगी। मुकेश ने कहा, गैस विवाद पर छोटे भाई के साथ जारी कानूनी लडाई अब खत्म हो गई है। अंबानी ने चौंकाने वाली घोष्ानाएं तो नहीं की, लेकिन अपनी व्यापार विस्तार योजना को साफ करते हुए कहा, कंपनी के पास 21,874 करोड रूपए की नकदी है, जिसे कंपनी विस्तार और नए क्षेत्रों में उतरने के लिए लगाएगी। टेलीकॉम और पावर सेक्टर के बाद वे सरकार की अनुमति से न्यूक्लियर सेक्टर व अस्पताल क्षेत्र में भी उतरेंगे। आरआईएल दूरसंचार क्षेत्र में भी कदम रख चुकी है। 2006 में हुए करार के तहत दूरसंचार के साथ ऊर्जा क्षेत्र अनिल अंबानी के लिए आरक्षित था। हालांकि मुकेश अंबानी ने यह खुलासा नहीं किया कि आरआईएल कितने निवेश की योजना बना रही है। पर मामले से जुडे सूत्रों का कहना है कि आरआईएल बिजली क्षेत्र में दर अरब डॉलर तक का निवेश कर सकती है।
भारत समाचार
ऊर्जा क्षेत्र को पावर देंगे मुकेश





















