नई दिल्ली। रेलगाडियों में बढ़ती चोरी की घटनाओं को रोकने के साथ-साथ यात्रियों की सुरक्षा के लिए रेल सुरक्षा बल (आरपीएफ) को महिला बटालियन तैयार करने की इजाजत मिल गई है।
इसके अलावा रेल संपत्ति को चोरी और यात्रियों के साथ हुई घटनाओं की जांच के लिए आरपीएफ को अधिक से अधिक अधिकार देने की दिशा में रेल मंत्रालय रेल संपत्ति अधिनियम में बदलाव के बारे में सोच रहा है।
रेल राज्य मंत्री ई. अहमद ने गुरूवार को कहा कि रेल संपत्ति अधिनियम में सुधार के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। अहमद ने आरपीएफ के एक समारोह के दौरान यह बात कही।
रेलगाडियों में चोरी, यात्रियों के साथ हुई आपराधिक घटनाओं और रेल संपत्ति की चोरी से जु़डे मामलों की जांच का अधिकार राजकीय रेल पुलिस (जीआरपी) के पास है। यह राज्य पुलिस की एक इकाई होती है।
अहमद ने कहा कि रेल मंत्रालय जल्द से जल्द आरपीएफ में खाली पांच हजार पदों को भरने का काम शुरू करेगा। इसके अलावा रेल मंत्रालय को "महिला वाहिनी" नाम से एक बटालियन बनाने की अनुमति मिल गई है। इस बटालियन में 12 कम्पनियां होंगी और इसका मुख्य काम महिला यात्रियों की सुरक्षा के लिए मुस्तैद रहना होगा।
अहमद ने बताया कि आरपीएफ पश्चिम बंगाल में एक कमांडो प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने जा रहा है। इसके लिए जरूरी 26.70 करो़ड रूपये सरकार द्वारा पारित किए जा चुके हैं। साथ ही साथ आरपीएल मनवाल, कूच बिहार और आसनसोल में तीन नए बटालियन स्थापित करेगा। इसमें क्रमश: 23, 14.99 और 14.72 करो़ड रूपये का खर्च आएगा। तीसरी बटालियन महिलाओं की होगी।
भारत समाचार
रेल सुरक्षा बल में बनेगा महिला बटालियन





















