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ब्याज दरें बढा सकता है आरबीआई

उन्होंने कहा, अर्थव्यवस्था में क्षमताओं का अधिक इस्तेमाल किया जाना चाहिए। इंदिरा गांधी इंस्टीटयूट ऑफ डेवलपमेंट रिसर्च (आईजीआईडीआर) के दीक्षांत समारोह में सुब्बाराय ने कहा, अभी 72 प्रतिशत क्षमता का इस्तेमाल किया जा रहा है। सबसे अधिक क्षमता का इस्तेमाल साल 2007-08 में 76 प्रतिशत किया गया था। इससे प्रदर्शित होता है कि महंगाई पर मांग की तरफ से भी दबाव बढ सकता है। उन्होंने कहा कि आरबीआई प्रोत्साहक नीतियों से बाहर होने का सिलसिला जारी रखेगा। इसके अतिरिक्त केंद्रीय बैंक के गर्वनर ने कहा कि अन्य देशों की तुलना में भारत प्रोत्साहक नीतियों से जल्द बाहर हो सकता है क्योंकि महंगाई का दबाव बढ रहा है। उन्होंने कहा, बेहतर है कि महंगाई को नियंत्रित करने की दिखा में अभी कदम उठाए जाएं और निकासी की नीति जारी रखी जाएं।
संभव है कि निकट भविष्य में बढोतरी से कुछ समझौता करना पडे। सुब्बाराय ने कहा कि महंगाई में खाद्य पदार्थो का योगदान नवंबर के 100 प्रतिशत से घट कर अब 52 प्रतिशत रह गया है।




















