मुंबई। जीवन बीमा कंपनियों को अब अपने ग्राहकों को यह बताना होगा कि उनकी हर पॉलिसी में से एजेंट को कितना कमीशन दिया जा रहा है। बीमा नियामक एवं विकास प्राधिकरण (झरडा) ने बीमा कंपनियों से कहा है कि वे बेनिफिट इलस्ट्रेशन में दिए जाने वाले कमीशन का खुलासा करे। बेनिफिट इलस्ट्रेशन वह दस्तावेज होता है जिसमें पॉलिसीधारक को पॉलिसी की परिपक्वता के बाद मिलने वाले लाभ का ब्यौरा होता है।
सभी जीवन बीमा कंपनियों के लिए जारी एक सर्कुलर में इरडा ने कहा कि कंपनियों को एक जुलाई के बाद एजेंटों को दिए जाने वाले कमीशन की घोषणा करनी होगी। इरडा ने यह कदम ऎसे समय में उठाया है जबकि वह इस मुद्दे पर बाजार नियामक सेबी के साथ खुली बहस तथा कानूनी लडाई लड रहा है। यूलिप उत्पादों पर सेबी का नियंत्रण है। बीमा कंपनियों ने कुल मिलाकर इस फैसले का स्वागत किया है और कहा है कि एक जुलाई 2010 से प्रभावी होने वाले इस निर्णय से पारदर्शिता और संभावित पालिसीधारकों को इस बात की स्पष्ट जानकारी मिलेगी कि ब्रोकरेज या कमीशन के रूप में उनसे कितनी राशि ली जा रही है।
इरडा ने यह कदम एमएफ के एंट्री लोड पर रोक के प्रभावी होने के सात महीने बाद उठाया है। एंट्री लोड की जडे एमएफ की ओर से दिए जाने वाले कमीशन में ही थी ओर इन पर रोक लगा दिए जाने से निवेशकों से ही कमीशन की रकम वसूलने का रास्ता बंद हो गया।
भारत समाचार
यूलिप पर कमीशन का हो खुलासा





















