नई दिल्ली। राष्ट्रपति प्रतिभा पाटील ने रविवार को शिक्षक दिवस पर देशभर के 312 शिक्षकों को सम्मानित किया।
इनमें राजधानी दिल्ली सहित 28 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के शिक्षक शामिल हैं। नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित एक समारोह में राष्ट्रपति ने कहा कि आज के वैश्विक युग में यह जरूरी हो गया है कि हमारे बच्चे आदर तथा सहनशीलता के मानवीय मूल्यों को समझें, क्योंकि यह शांतिप्रिय देश भारत और समूचे विश्व के लिए अनिवार्य है। इसलिए शिक्षक इन मूल्यों पर जोर दें जो कि हमारे देश की प्राचीन विरासत का हिस्सा हैं। उन्होंने कहा, ""विद्यार्थियों को मानवीय कल्याण तथा देश की प्रगति के बारे में सोचने के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए।"" शिक्षा के अधिकार कानून का उल्लेख करते हुए पाटील ने कहा कि इससे समाज के विभिन्न वर्गो पर भारी जिम्मेदारी आन प़डी है। केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री कपिल सिब्बल ने राज्य सरकारों से कहा कि वे शिक्षकों की नियुक्ति एवं तबादले की प्रणाली को पारदर्शी बनाएं। इसी समारोह में राजस्थान कि जयपुर जिले के हनुमान सहायक शर्मा, शांति पारीक, प्रबुद्ध कुमार शर्मा, मुकेश गुप्ता एवं सोहनलाल दोतोलिया के साथ ही बांसव़ाडा के महेश जोशी, डूंगरपुर की गिरिजा वैष्णव, मूलचंद (सीकर), मानिक चंद जीनगर (जोधपुर), भगवान सिंह राठौ़ड (पाली), महावीर सुथार (भीलव़ाडा), राजबाबू ज्योति (दौसा), गणेश शर्मा (अलवर), अवतार सिंह (गंगानगर) एवं मनोहर सिंह भाटी (बूंदी) को भी सम्मानित किया गया। शिक्षकों को सम्मान स्वरूप 25 हजार रूपये नकद, प्रशस्ति पत्र एवं पदक प्रदान किया गया। समारोह में केंद्रीय मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री डी. पुरंदेश्वरी सहित कई गण्यमान्य लोग मौजूद थे।
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देश के 312 शिक्षक राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित





















