मुंबई। पुणे की जर्मन बेकरी में हुए विस्फोट के सिलसिले में इंडियन मुजाहिदीन और लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) से संबंधित दो संदिग्धों को गिरफ्तार कर पुलिस ने मामले के पर्दाफाश का दावा किया है।
इस विस्फोट में 17 लोग मारे गए थे।
महाराष्ट्र आतंकवाद निरोधी दस्ते (एटीएस) के प्रमुख राकेश मारिया ने बुधवार को बताया, ""प्रमुख संदिग्ध हिमायत बेग को पुणे में मंगलवार को अपराह्न 3.15 बजे गिरफ्तार किया गया, जबकि शेख लाल बाबा मोहम्मद हुसैन फारिद उर्फ बिलाल को नासिक से शाम 8.45 बजे गिरफ्तार किया गया।"" मारिया ने कहा, ""चूंकि हमें अभी मामले की जांच करनी है, इसलिए हम इसका खुलासा नहीं करना चाहेंगे, लेकिन बेग और बिलाल को पाकिस्तान से लश्कर का कोई व्यक्ति संचालित कर रहा था।"" एटीएस ने दोनों के पास से लगभग दो किलोग्राम आरडीएक्स, लश्कर का साहित्य, बम निर्माण के तरीके, अमेरिकी और भारतीय मुद्राएं, मोबाइल फोन और पेन ड्राइव बरामद किया है। मारिया ने कहा, ""दोनों के पास से जर्मन बेकरी स्थल के छायाचित्र भी जब्त किए गए हैं।"" ज्ञात हो कि 13 फरवरी को हुए इस विस्फोट में 17 लोग मारे गए थे और 65 से अधिक घायल हो गए थे। पीç़डतों में चार विदेशी भी थे। इसमें एक इटालियन महिला, एक ईरानी और दो सूडानी नागरिक शामिल थे। बेग (29) मूल रूप से महाराष्ट्र के बीड कस्बे का निवासी है। उसने औरंगाबाद में लश्कर का तंत्र ख़्ाडा करने में प्रमुख भूमिका निभाई थी। बाद में उसने इस समूह का इंडियन मुजाहिदीन में विलय कर दिया। डेढ़ साल पहले वह लातूर जिले के उदगिर में रहने आ गया था और वहां उसने एक इंटरनेट कैफे खोल लिया था। इसी जगह उसने पुणे विस्फोट की साजिश रची। मारिया ने कहा, ""इस मामले के आरोपियों का पता लगाना और उन्हें गिरफ्तार करना एटीएस की प्रथम प्राथमिकता रही है। इस संदर्भ में अथक प्रयासों के बाद हमने बेग और बिलाल को मंगलवार को गिरफ्तार किया। इस सिलसिले में हमें केरल, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, उत्तर प्रदेश, गुजरात और तमिलनाडु तक की खाक छाननी प़डी।""
मारिया ने कहा कि बेग इस मामले के लिए बहुत महत्वपूर्ण था और पूरी साजिश उसी ने रची थी। उन्होंने कहा, ""बेग ने ही विस्फोट की साजिश रची, विस्फोट स्थल की पहचान की, बम बनाया और उन्हें विस्फोट स्थल पर लगाया।"" बेग का संपर्क अकबर चौधरी से था। चौधरी इंडियन मुजाहिदीन का कथित सदस्य था और मुंबई पुलिस की अपराध शाखा ने 2008 में उसे गिरफ्तार किया था। अकबर से संपर्क होने के बाद बेग को इकबाल और रियाज से परिचित कराया गया और प्रशिक्षण के लिए उसे कर्नाटक के तटीय कस्बे, भटकल भेजा गया। मारिया ने कहा कि बिलाल (27) मूल रूप से सोलापुर का निवासी है और उसे लश्कर ने प्रशिक्षण के लिए पाकिस्तान भेजा था। मारिया ने कहा, ""आधिकारिक रूप से जनवरी 2008 से 2010 के प्रारंभिक दिनों तक बिलाल पाकिस्तान में था। लेकिन इस दौरान उसने तीन बार भारत में घुसपैठ की थी। दो बार बांग्लादेश के रास्ते और एक बार नेपाल के रास्ते।"" मारिया के अनुसार जर्मन बेकरी विस्फोट की साजिश रचे जाने की प्रक्रिया जनवरी 2010 में शुरू हुई थी।
भारत समाचार
जर्मन बेकरी विस्फोट की साजिश का पर्दाफाश, 2 गिरफ्तार





















