नई दिल्ली। भारत में 10 वर्षो के भीतर एक अरब लोग मोबाइल फोन के संपर्क माध्यम से जु़ड जाएंगे और स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाज सेवा सहित सबकुछ मोबाइल फोन सेवा के जरिए संपन्न होगा। इस तरह तीन दशक के भीतर सभी तरह का लेने-देन डिजिटल हो जाएगा, लिहाजा कागज के नोट लुप्त हो जाएंगे।
यह अनुमान व्यक्त किया है सार्वजनिक सूचना, अधोसंरचना और उन्नयन पर प्रधानमंत्री के सलाहकार तथा राष्ट्रीय नवप्रवर्तन परिषद के अध्यक्ष सैम पित्रोदा ने। पित्रोदा का मानना है कि वर्तमान में वैश्विक स्तर पर लगभग पांच अरब मोबाइल फोन के उपयोग और प्रति वर्ष जारी होने वाले 10 अरब से अधिक के्रडिट कार्ड एवं डेबिट कार्ड के कारण 30 वर्षो के भीतर कागज के नोटों की अहमियत लगभग समाप्त हो जाएगी। कैसियो डिजिटल डायरी के अनुसंधानकर्ता पित्रोदा ने अपने ताजा नवप्रवर्तन "डिजिटल वैलेट" के बारे में बातचीत के दौरान कहा, ""तीन दशक के भीतर लेने-देन डिजिटल हो जाएगा, लिहाजा कागज के नोट लुप्त हो जाएंगे।"" पित्रोदा ने आईएएएनएस के साथ एक साक्षात्कार में कहा, ""यदि आप अपने घर और कार्यालय को कागज विहीन बना सकते हैं, तो बैंक, व्यापार और अपने बटुए को क्यों नहींक्"" पित्रोदा ने अपने इस विचार को अपनी हालिया प्रकाशित पुस्तक ""द मार्च ऑफ मोबाइल मनी : द फ्यूचर ऑफ लाइफस्टाइल मैनेजमेंट"" व्यक्त किया है। पित्रोदा ने कहा, ""मोबाइल टेलीफोन सेवा उपलब्ध कराने वाली हर कंपनी इसे अपनाएगी। प्रति उपभोक्ता औसत राजस्व में कमी के कारण डिजिटल बटुआ अधिक उपभोक्ताओं को आकर्षित कर सकता है। यह पूरी तरह फूलप्रूफ है।"" पित्रोदा की पुस्तक भारत में मोबाइल फोन के विकास पर केंद्रित है, जो कि देश में तेजी के साथ जीवन श्ौली में शुमार होता जा रहा है। पित्रोदा ने कहा, ""मोबाइल क्रांति किसी ब़डी रेलग़ाडी के आने जैसा है। भारत में 10 वर्षो के भीतर एक अरब लोग इस संपर्क माध्यम से जुडें़गे और स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाज सेवा सहित सबकुछ मोबाइल टेलीफोन सेवा के जरिए संपन्न होगा।"" देश में 65 करो़ड से अधिक लोग मोबाइल फोन संपर्क से जु़डे हुए हैं, जबकि चीन में 79.50 करो़ड लोग मोबाइल फोन से जु़डे हुए हैं। पित्रोदा ने कहा, ""मोबाइल सेवा प्रदाता या नेटवर्क प्रबंधन का मंच बन जाएंगे। इसके बारे में कोई व्यक्ति नहीं सोच रहा है, लेकिन आप अपने जीवन को फिलहाल जिस तरीके से जी रहे हैं, उस तरीके से आगे जी नहीं सकते। सेल फोन ने भारत को युवा, सक्रिय और कनेक्टेड बना दिया है।""
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30 वर्षो में समाप्त हो जाएगी कागज के नोटों की अहमियत!





















