गांधीनगर। इशरत जहां संदिग्ध फर्जी मुठभे़ड मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करने हेतु नामों की सूची सौंपने में देरी के लिए गुजरात उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को केंद्र सरकार को आडे हाथों लिया।
अदालत ने यह कदम राज्य सरकार द्वारा 11 नामों को उपलब्ध कराए जाने के बाद भी उठाया है। न्यायमूर्ति जयंत पटेल और न्यायमूर्ति अभिलाषा कुमारी की दो सदस्यीय पीठ ने सहायक महान्यायाधिवक्ता पी.एस. चम्पानेरी द्वारा यह निवेदन किए जाने के बाद केंद्र सरकार को अंतिम मौका प्रदान कर दिया, कि केंद्र सरकार अन्य राष्ट्रीय मामालों में व्यस्त थी, जिसके कारण वह नामों की सूची नहीं सौंप पाई। अदालत ने कहा, ""केंद्र सरकार को यह बात दिमाग में रखनी चाहिए कि यदि नया एसआईटी गठित करना है तो उसे नामों की सूची सौंप देनी चाहिए ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके। बहरहाल, केंद्रीय गृह मंत्रालय अंतिम मौके के रूप में नए एसआईटी के गठन के लिए कम से कम तीन अधिकारियों के नाम सौंप देने चाहिए।"" गुजरात सरकार की ओर से एसआईटी के गठन हेमु महान्याधिवक्ता कमल त्रिवेदी द्वारा सौंपे गए पुलिस अधिकारियों के नामों की सूची में अहमदाबाद पुलिस आयुक्त अमिताभ पाठक, पी.सी.ठाकुर, प्रमोद कुमार, के. कुमारस्वामी, मोहन झा, संजय श्रीवास्तव, जे.के.भट्ट, बी.डी.वाƒोला, डी.एस.जेबलिया, डी.आर.पटेल और एच.जी.पटेल शामिल हैं। ज्ञात हो कि मामले की जांच के लिए एसआईटी के गठन हेतु सभी पक्षों के वकीलों से अधिकारियों के नाम सुझाने के लिए कहा था।
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इशरत जहां मामला : एसआईटी पर केंद्र को अंतिम मौका





















