बिलासपुर। छतीसगढ़ के जिले में स्थित अपोलो अस्पताल के चिकित्सकों ने एक दिन के बच्चे को पेसमेकर लगाकर नया जीवन दिया है। अपोलो अस्पताल के चिकित्सक सुधीरा कुमार ने बताया कि अस्पताल के छह चिकित्सकों की टीम ने सोमवार को एक जटिल आपरेशन कर ह्रदय की बीमारी से पीडित एक दिन के नवजात शिशु को पेसमेकर लगाकर जीवनदान दिया है।
अपोलो अस्पताल के चिकित्सकों ने दावा किया है कि यह देश में पहला मामला है, जिसमें एक दिन के बच्चो के शरीर में पेसमेकर लगाया गया है। चिकित्सकों ने बताया कि शहर की एक महिला के पहले दो बच्चों की गर्भ में ही मौत हो गई थी। तीसरी बार गर्भवती होने पर महिला ने अपोलो अस्पताल के चिकित्सकों से संपर्क किया। साथ ही पहले दो बच्चों की गर्भ में ही मौत होने की बात भी बताई। इसके बाद चिकित्सकों ने गर्भवती महिला की जांच की, जिसमें गर्भ में पल रहे शिशु की स्थिति नाजुक पाई गई। अपोलो अस्पताल के चिकित्सक सुधीर कुमार, एमपी सॉमल, घोषले, और उपेंद्र सिंह ने बताया कि गर्भवती महिला के शरीर में एक ऎसा रसायन उत्पन हो जाता है, जो गर्भ में पल रहे शिशु के ह्रदय की गति को प्रभावित करता है। जब बच्चो का जन्म हुआ तथा उसके ह्रदय की गति बेहद कम थी। इसे देखते हुए चिकित्सकों ने बच्चो में पेसमेकर लगाने का फैसला किया जिसमें चिकित्सकों को सफलता भी मिली है। चिकित्सकों ने बताया कि आपरेशन के बाद शिशु स्वस्थ है तथा उसे जल्द ही अस्पताल से छुट्टी दे दी जाएगी।





















